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बुधवार, 12 दिसंबर 2018
मतवाला: तीन राज्यों में हार, भाजपा के लिए खतरे की घंटी
मतवाला: तीन राज्यों में हार, भाजपा के लिए खतरे की घंटी: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं . कांग्रेस ने हिन्दी भाषी क्षेत्र की विधानसभा सीरीज़ में भाजपा का क्लीन स्वीप ...
शोएब अख़्तर शब्दों से रिश्ता पुराना है, पेशा अब कानून है। शोएब अख़्तर अधिवक्ता हैं और दिल्ली उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालयों में विधि-व्यवसाय करते हैं। लेकिन कानून की किताबों तक सीमित रहना उनकी पहचान नहीं है। पत्रकारिता और साहित्य से उनका रिश्ता उस समय का है, जब लिखना किसी पेशे से अधिक अपने भीतर की बेचैनी को आवाज़ देने का माध्यम था। दिल्ली विश्वविद्यालय से हिन्दी में स्नातक, जामिया मिल्लिया इस्लामिया से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से विधि में स्नातक (LL.B.) और इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिन्दी में परास्नातक (M.A.) की शिक्षा प्राप्त की। पत्रकारिता ने उन्हें समाज को देखने की दृष्टि दी, साहित्य ने मनुष्य को समझने की संवेदना और कानून ने न्याय को देखने का एक अलग नजरिया। शायद इसी कारण उनके लेखन में समाज, रिश्ते, प्रेम, राजनीति, कानून और मनुष्य की जटिलताएँ बार-बार लौटती हैं। उनके लिए लेखन कोई सजावटी कर्म नहीं—यह अपने समय से संवाद करने का एक तरीका है। कभी कोई विचार लेख बन जाता है, कभी कोई घटना संस्मरण, कभी कोई सवाल कविता और कभी कोई अधूरी बात कहानी का रूप ले लेती है। यह ब्लॉग उसी सफ़र का दस्तावेज़ है—उन शब्दों का, जिन्हें कहा भी जा सकता था और लिखा भी जाना ज़रूरी था। शोएब अख़्तर अधिवक्ता | लेखक | स्वतंत्र पत्रकार
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